पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२०३

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दृश्य.] चांदी की डिबिया मैजिस्ट्रेट अच्छी बात है। हम पहले मुजरिम औरत का बयान लेंगे। मिसेज़ जोन्स हज़र, मैं तो अब भी वही कहती हूं जो अब तक बराबर कहती श्रा रही हूँ कि मैंने डिबिया नहीं चुराई । मैजिस्ट्रेट ठीक है, लेकिन क्या तुमको मालूम था कि किसी ने उसे चुराया ? मिसेज़ जोन्स नहीं हजूर, और मेरे शौहर ने जो कुछ कहा है उसके बारे में मैं कुछ नहीं जानती। हाँ इतना ज़रूर जानती हूँ कि वह सोमवार को बहुत रात गए घर श्राये। उस वक्त एक बज चुका था । और वह अपने आप में न थे।