पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२०८

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चाँदी की डिबिया
[ अड़्क‌ ३
 

और मैं क़सम खाकर कहती हूँ कि जबसे हमारा ब्याह हुआ, उसने कभी ऐसा काम नहीं किया। हालाँकि हम लोगों को बड़ी बड़ी आफ़तें झेलनी पड़ी।

[ कुछ ज़ोर देकर बात करती हुई ]

मुझे विश्वास है कि अगर वह अपने आप में होते तो ऐसा काम कभी न करते।

मैजिस्ट्रेट

हाँ, हाँ! लेकिन क्या तुम नहीं जानती कि यह कोई उज्र नहीं है?

मिसेज़ जोन्स

हाँ जानती हूँ, हज़ूर।

[ मैजिस्ट्रेट आगे झुक जाता है और क्लार्क से बातें करता है। ]

जैक

[ पीछे की जगह से आगे को झुककर ]

दादा, मैं कहता हूँ।

२००