पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२१७

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दृश्य १ ]
चांदी की डिबिया
 

मैं---

[ ऊंची आवाज़ में ]

मर्द को नहीं जानता।

जोन्स

लेकिन मैं तुमको जानता हूँ।

गंजा कांस्टेबिल

चुप रहो।

रोपर

अच्छा क्या तुम ईस्टर-मंडे की रात को बहुत देर में घर आए थे?

जैक

हाँ!

रोपर

क्या तुमने ग़लती से दरवाज़े की कुंजी दरवाज़े में लगी हुई छोड़ दी?

१४

२०९