पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२१८

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चांदी की डिबिया [अङ्क ३ हां। मैजिस्ट्रेट अच्छा, तुमने कुंजी दरवाज़ में ही लगी छोड़ दी ? रोपर और अपने आने के विषय में तुम्हें सिर्फ इतना ही याद है? जैक [धीमी भावाज़ में] हाँ, इतना ही। मैजिस्ट्रेट तुमने इस मर्द मुजरिम का बयान सुना है। उसके बारे में तुम क्या कहते हो? [ मैजिस्ट्रेट की तरफ़ मुड़ कर दृढ़ता के साथ ] बात यह है हजूर, कि मैं रात को थिएटर देखने चला २१०