पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२२०

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


चांदी की डिबिया [अङ्क ३ मैजिस्ट्रेट तुम्हें याद नहीं ? लेकिन याद करना पड़ेगा। तुम्हारे लिए यह कोई मामूली बात तो नहीं है कि जब तुम श्राओ तो दूसरा श्रादमी दरवाजा खोल दे ! क्यों ? जैक [ लज्जा से मुसकिराकर ] नहीं। मैजिस्ट्रेट अच्छा तव? जैक [असमंजस में पड़कर ] बात यह है कि शायद मैंने उस रात को बहुत ज्यादा शामपेन पी ली थी। मैजिस्ट्रेट [मुसकिराकर ] अच्छा, तुमने बहुत ज्यादा शामपेन पी ली थी? २१२