पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/७६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
चाँदी की डिबिया
[ अड़्क १
 

मिसेज़ बार्थिविक

ना! लेकिन कैसी विचित्र बात है जान! मारलो की तो कोई बात ही नहीं। खिदमतगारिनों में भी मुझे विश्वास है कोई नहीं---हाँ बावर्ची।

बार्थिविक

अच्छा बावर्ची?

मिसेज़ बार्थिविक

हाँ! मुझे किसी पर संदेह करने से घृणा है।

बार्थिविक

इस समय मनोभावों का प्रश्न नहीं, न्याय का प्रश्न है।

नीति की रक्षा......

मिसेज़ बार्थिविक

अगर मज़दूरिनी इसके विषय में कुछ जानती हो,तो मुझे आश्चर्य न होगा। लोरा ने उसकी सिफ़ारिश की थी।

६८