पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/८९

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इश्य ३] चांदी की डिबिया. मिसेज जोन्स जी हां ! मुझे यही डर लगता है कि उसे छोड़ दूं तो न जाने मेरी क्या गति करे । बड़ा गुस्सैल है, हुजूर । बार्थिविक इस मामले में मैं कुछ नहीं कह सकता । मैं तो नीति की बात कहता हूँ। मिसेज़ जोन्स हाँ हुजूर; मैं जानती हूँ इन मामलों में कोई मेरी मदद न करेगा । मुझे आपही कोई सह निकालनी पड़ेगी । उन्हें भी तो ठोकरें खानी पड़ती हैं । लड़को को बहुत चाहते हैं हुजूर, और उन्हें भूखे मदरसे जाते देखकर उनके दिल पर चोट लगती है। बार्थिविक [ जल्दी से