पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/९४

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


चांदी की डिबिया [ अङ्क । एक चायदान उतार कर उसको धोती है, और एक चाय की पुड़िया में से थोड़ी सी बारीक चाय डालती है। उसे अंगीठी पर रखती है, और पास ही एक लकड़ी की कुर्सी पर बैठ कर रोने लगती है। जोन्स [ जागकर जमुहाई लेता हुअा ] ओह तुम हो ! क्या वक्त है ? मिसेज जोन्स [ आँखें पोछकर और मामूली आवाज में ] ढाई बजे हैं । जोन्स तुम इतनो जल्द क्यों लौट आई? मिसेज़ जोन्स प्राज. आधे दिन काम था, जेम