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पृष्ठ:न्याय.pdf/८१

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अङ्क २]
[दृश्य १
न्याय

फ़्रोम

क्या आप उसके चाल चलन की तारीफ़ कर सकते हैं?

कोकसन

[जज की ओर मुड़कर]

बेशक! हमेशा से हम लोग सब बहुत अच्छी तरह आनंद पूर्वक रहते थे। उसे सुनकर मेरे तो होश उड़ गए।

फ़्रोम

अच्छा, अब सातवीं जुलाई का दिन याद कीजिए। जिस दिन कि यह चेक बदला गया था। उस दिन उसके चित्त की क्या दशा थी?

कोकसन

[जूरियों से]

यदि मुझसे पूछो, तो मैं कहूँगा, कि उस समय उसका चित्त ठिकाने नहीं था।

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