यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
१३४
[ Part I Ch. 4
परमार्थसोपान
13. THE ANAL-HAQ METHOD OF MEDITATION.
अगर है शौक मिलने का,
तो हर दम लौ लगाता जा ।
जला कर खुद नुमाई को,
भसम तन पर चढ़ाता जा ॥१॥
मुसल्ला फाड़, तसवी तोड़,
किताबें डाल पानी में ।
पकड़ दस्त तू फ़रिश्तों का,
गुलाम उनका कहाता जा ॥२॥
न मर भूखा न रख रोजा,
न जा मसजिद न कर सिज़दा ।
हुकुम हैं शाह कलन्दर का,
अनलहक तू कहाता जा ॥ ३ ॥
कहे मन्सूर मस्ताना,
हक़ मैंने दिल में पहचाना |
वही मस्तों का मैखाना,
उसी के बीच आता जा ॥ ४ ॥