पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/१६४

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गुफा का आविष्कार । १४ , देने के लिए कितने ही उपाय सोचता था किन्तु यह सची हुई बात एक भो काम में परिणत न होती थी। होती कैसे ? असम्भव बातें सोचता रहता था, कारण यह कि संक ल्पित काम करने के लिए मुझे उनका सामना करना पड़ेगा। मैं अ ता और वे बीसबाईस से गिनतो में कम न रहते होंगे। मैं उनका शासन क्या करूंगा, मुझो ो वे स्वा डालेंगे । " कभी कभी जी चाहता था कि जहाँ वे लोग आग जलाते हैं बहाँ मैं दोतीन सेर बाद गाड़ दें तो उसमें आग का संयेाग होते ही उनमें से कितने ही अपने आप उड़ जायेंगे । किन्तु मेरे पास बारूद बहुत कम बच रही थी । अभी उसे इस तरह ले र्च करने को मैं राज़ी नहीं हुआा। अतएव इस इरादे को भी छोड़ देना पड़ा । फा का वार पहले की चो हुई एक भी बात जब चरितार्थ न हो सको तब मैंने चा कि मैं किस जगह अपनी बन्दूक, पिस्तौलऔर तलवार लेकर छिप रहूंगा और राक्षसले को देखते ही उन पर धड़ाधड़ गोलियाँ चलाऊँगा । प्रत्येक बार की गोली में दो तीन को माहँगा, और दो एक को घायल भी कहेगा । इसके बाद उनके बीच में कूद पड़ेंगा और कितनों ही पर सफ़ाई से तलवार का हाथ जमऊँगा । इससे जो वे बीसबाईस भी होंगे तो भी मैं उन पर विजय प्राप्त कर सकगा । यही उपाय सबसे अच्छा जान पड़ा । मैं जब तब इसी - । उपाय को सेचता था । इस बात की चिन्ता बराबर मेरे