पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/१९५

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राबिन्सन क्रूसो ।

१७४ राबिन्सन क्रूसे । जङ्गल की ओर चला । मैं अपना पालतू बकरा काटने को जा रहा था, किन्तु मार्ग में मैंने देखा कि एक वृक्ष की छाया में एक बकरी सेरही है और उसके पास दो बच्चे बैठे हैं। मैंने फ्राइडे को पकड़ कर चुपचाप खड़ा रहने का इशारा किया। इसके बाद गोली चलाई जिससे एक बच्चा मर गया। कई दिन हुए, फ्राइडे ने इसी तरह दूर से अपने शत्रु को मारते देखा था । वह मारे डर के थर थर काँपने लगा । ऐसा जान पड़ा कि अब वह मूच्छित होकर गिर पड़ेगा । वह कुर्ता उतार कर अपने शरीर को चकित-दृष्टि से देखने लगा कि कहीं आहत तो नहीं हुआ है। मैंने उसको धमकाया कि अब की बार मैं तुम्हें मारूंगा। तब वह दौड़ कर मेरे पास आया और मेरे पैरों से लिपट कर न मालूम क्या क्या विनय करने लगा। उसकी बातें तो मेरी समझ में आईं नहीं, हाँ इतना मैंने ज़रूर समझा कि वह मुझसे प्राण-भिक्षा चाहता है। मैंने उसे अच्छी तरह समझा दिया कि मैं तुझे न मारूंगा। उसको मैंने बकरी का मरा हुआ बच्चा दिखला दिया। वह अवाक् होकर बड़े गौर के साथ उसके देखने लगा। मैंने फ्राइडे की आँख बचा कर उसी समय फिर बन्दूक में गोली भर ली । मैंने देखा कि एक पेड़ पर एक सुग्गा बैठा है। फ्राइडे को वह पक्षी और अपनी बन्दूक दिखा कर समझा दिया कि इस दफे मैं उस पक्षी के मारूंगा और इसके बाद इशारे से पेड़ के नीचे की जगह बतला कर यह भी कह दिया कि वह मर कर यहीं गिरेगा। मैंने बन्दुक की आवाज़ की । सुग्गा मर कर पेड़ के नीचे गिर पड़ा। फ्राइडे फिर मेरी ओर देख कर चुप हो रहा। उसने मुझको