पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/२१२

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क्रूसो के घर में नवीन अभ्यागत । .१६१ था । वह उसके साथ बड़ी बहादुरी से युद्ध करने लगा और दो बार उस असभ्य के सिर पर अस्त्र प्रहार किया। असभ्य दीर्घकाय और बलिष्ठ था। उसने उन आघातों की कुछ परवा न कर के स्पेनियर्ड को धक्का मार कर गिरा दिया और उनके हाथ से तलवार छीनने लगा। तब स्पेनियर्ड ने तलवार को दूर फेक कर पिस्तौल ली। मैं उनके धरती पर गिरा देख सहायता के लिए दौड़ा जा रहा था कि मेरे पहुँचने के पहले ही उन्होंने पिस्तौल की एक ही गोली से उस नीच के मार डाला। | फ्राइडे ने अपना खंजर हाथ में लेकर पराजित शत्रुओं का पीछा किया और जिनके पकड़ पाया उन्हें मार डाला । स्पेनियर्ड ने मेरे पास आकर एक बन्दूक मुझसे माँग ली और उससे दो असभ्यों को घायल किया । इक्कीस मनुष्य में केवल चार आहत और अनाहत व्यक्ति डॉगी पर सवार होकर भाग चले । फ्राइडे ने उन पर लक्ष्य कर के दो गोलियाँ मारी, पर ऐसा जान न पड़ा कि किसी को लगी हों। फ्राइडे उन लोगों का पीछा करने की प्रस्तुत हुआ। उन का भागना मुझे भी पसन्द न था । कारण यह कि वे लोग अपने देश जाकर शायद अपनी मण्डली को खबर दे और वहाँ से दो तीन सौ आदमी आकर हम लोगों को मार कर खा डालें । इस लिए फ्राइडे के प्रस्ताव पर स्वीकृत होकर मैं झट कूद कर नाव पर सवार हुआ। वहाँ देखा कि एक आदमी, जिसके हाथ-पाँव बँधे हैं, डोंगी के भीतर पड़ा है और मारे डर के अधमरा सा हो रहा है। उसने सिर्फ शोर-गुल सुना है, देखने तो कुछ पाया ही नहीं। अतएव उसका भयभीत होना स्वाभाविक ही