पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३४६

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३२१ फ्राइडे की यु। दी। एक साथ नौ तेपों का भयडर शब्द उन लोगों के पुरुषों ने भी आज तक कभी न सुना था । उनकी तीन चार नावें एक दम भर में उलट गईं। फ्राइडे मेरा मित्र, नौकर, मन्त्रीसाथी और पुत्र सब कुछ था। उस की मृत्यु से मैं ऐसा कुछ हुआ कि वे असभ्य सब के सब मारे जाकर उनकी सब नावें नष्टभ्रष्ट हो जलमग्न हो जातीं तो कदाचित् मेरे हृदय का ताप कुछ शान्त होता। एक ही साथ उतनी तेपों की आवाज़ होने से असभ्यू- दल में बड़ी खलबली मच गई । नावों में परस्पर टक्कर लगने से तेरह-चौदह नाव टुकड़े टुकड़े हो गईं और उन के सवार समुद गिरकर तैरने लगे। और लोग अपनी अपनी नाव म खेकर बड़े वेग से भाग चले । उन लोगों ने कुछ भी ख़बर नहीं ली कि हमारे नौकाहीन साथियों की क्या दशा हुई। जलमग्न लोगों में प्रायः सभी मर मिटे, केवल एक व्यक्ति को हमारे जहाज़ वालों ने जहाज़ पर खींच कर बचा लिया था । उस दिन सन्ध्या समय खूब तेज़ हवा बहने लगी । तब हम लोग पाल तान कर मंजिल की तरफ रवाना हुए। वह बन्दी असभ्य ऐसा दुखी था कि न कुछ खाता था और न कुछ बोलता था । मैंने देखा कि वह उपवास करते ही करते मर जायगा। तब मैंने उसे जहाज़ की डोंगी में उतार कर इशारे से कहा ‘कुछ कहो तो कहो, नहीं तो तुझे अभी समुद्र में फेंक गूंगा।” तब भी वह कुछ न बोला। उसकी यह असभ्यता देख नाविकों ने धर पकड़ कर उसे पानी में गिरा दिया। अब वह जल पर तृण की भाँति तैरता हुआ जहाज़ के पीछे ,पीछे आने लगा और अपनी मातृभाषा में हम लोगों से न मालूम क्या कहने लगा। इसके बाद वह फिर जहाज़ पर २१ ।