पृष्ठ:राबिन्सन-क्रूसो.djvu/३७७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


३५२ राबिन्सन क्रो । क्यों नहीं कह डालते कि क्या मामला है ? हम लोग न चोर हैं न डा हैं, तब हम लोगों को किसीछे डरने की क्या वजह हो सकती है ?’ उसने कहा-“मैं देखता हूँ कि आप फ़ायदे की बात न सुनेंगेपरामर्श की बात पर ध्यान न देंगे। यदि मैं दूसरे किसीका इतना बड़ा उपकार करता तो वह आपकी अपेक्षा मेरे साथ अवश्य ही अच्छा व्यवहार करता। ठहरिएयदि आप इस घड़ी जहाज़ को यहाँ से अन्यत्र न ले जायेंगे तो आप ही इसका मज़ा चखेंगे । जब वे लोग आपको लुटेरा समझ कर फांसी देंगे तब आपको मेरी कृतज्ञता की बात सुझगी ।” मैंने कहा -“जो व्यक्ति मेरे उपकार की चेष्टा कर रहे हैं उनके निकट में कभी पूछताछ नहीं हो सकता । जब आप कह रहे हैं कि मेरी विपत्ति आसन्न है तब मैं अभी यहाँ से भागता हूँ। किन्तु भाई साहब, क्या आप भय का कारण कुछ खुलासा करके नहीं बतला सकते ?” उसने कहा-“मुख़तसर बात इतनी ही है कि तुम यह जहाज़ लेकर मात्रा टापू गये थे । तुम्हारे कतान और कई एक नाविक वहाँ मारे गये । इसके बाद तुम जहाज़ लेकर वहाँ से चम्पत हुए। इस समय तुम लोग उद्दण्ड होकर समुद्र में जहाज़ पकड़ते फिरते हो। यह ख़बर तुम्हारे निकट नई नहीं है । यह मैं अच्छी तरह जानता , किन्तु अब किसी बड़े जहाज के हाथ पड़ जाओगे तो तुम्हारा उद्धार होना कठिन है ।’ मैंने आगेपीछे की बातें सेचकर कहा—भाई, इतनी देर बाद तुमने सब बातें सीधे तैर से कह चुनाई। यद्यपि हम लेागों ने यह जहाज जैसा आप समझते हैं उस तरह नहीं लिया है ’ तो भी आपके कथनानुसार हम लोग अभी यहाँ से भागते हैं। किन्तु मेरे