पृष्ठ:स्टालिन.djvu/२५

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[चौबीस पहुँचने लगे थे। वह गुप्त रूप से सरकारी कार्यालयों, शिक्षण- शालाओं एवं साधारण मजदूरों तक पहुँच चुके थे। प्रारम्भ में पुलिस इस भय को उपेक्षणीय समझ कर इसकी उपेक्षा करती रही। परन्तु वह शीघ्र ही इस परिणाम पर पहुँची कि यह बड़ा भयानक आन्दोलन है और इसे कठोरता से दबाए जाने की परम आवश्यकता है। जब परिस्थिति ने ऐसा रूप धारण कर लिया तो पुलिस के अधिकारियों ने स्थान २ पर तलाशियां लेना, लोगों को गिरफ्तार करना और निर्वासन की कार्यवाहियां करना शुरू कर दिया । जिस धार्मिक पाठशाला में जोजोक को शिक्षा प्राप्त करते चार वर्ष गुजर गए थे, उसके पुराने विद्यार्थी भी इस आन्दोलन से सहानुभूति रखते थे। उनकी यह एक साधारण रीति बन गई थी कि रविवार को जब थोड़ासा अवकाश मिलवा तो वह किसो विद्यार्थी के कमरे में एकत्रित होकर क्रान्तिकारी श्रेणि के नवीन और ताज़ा पत्र पढ़ा करते थे। वह प्रत्येक विषय पर सरगर्मी सं वाद विवाद करते और इस प्रकार उन क्रान्तिकारी विचारों से लाभ उठाते, जो उनकी सम्मति में महान रूस को नाश से बचाने के एक मात्र साधन थे । यद्यपि जोज के इस संस्था में शिक्षण प्राप्त कर रहा था, किन्तु वह धार्मिक सिद्धान्तों में इतना निमग्न रहता था कि उसे कभी यह विचार भी न आया कि उसके साथी किसी नई विचार धारा में बहे जा रहे हैं। वह उदासीन और तटस्थ सा रहता था। उस सब से बढ़कर अपनी धार्मिक पुस्तकों से प्रेम था। वह प्रतिक्षण इसी प्रतीक्षा में रहता था कि कब वह शुभ घड़ी श्रावे और मैं धार्मिक प्रचार द्वारा अपने वास्तविक कर्तव्य का पालन करूं। अपनी इम धुन में उसे यह भी पता न लगा कि दूसरे विद्यार्थी उस से दूर रहने