पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष एकविंश भाग.djvu/३००

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२५६ वास्पयन्व-यास्पीयपोत पासायटर हुकने इस सम्बन्ध न्यूमिनको यथेष्ट हो वापराशिको सदा घनीभूत करनेमें समर्थ होता था। उपदंश प्रदान किया। इससे पहले सिलिण्डरके बाद वाटने "पटभस्फेरिक टोम एनिमें" और भी उन्नति . शीतल जल डाल कर याप्परामि घनीभूत करनी होगी। की। इसके बाद इस विभाग कार्टराइट (Careiright) थी। उसमें कएकी सीमा न यो, किन्तु सहसा निम्नर्मातायें का नाम सुना गया। इनके द्वारा यापयतको यष्ट, हृदयमें एक युद्धि आविर्भूत हुई। उन्होंने एक दिन एका- उाति हुई है। कार्ट राइटने ही पहले धातपपिएना . एक सिलिण्डर वोचमें प्रोतल प्रल 'क्षेपण कर देखा व्यवहार किया था। सन् १७२५६०में ल्यूथोपने हार.. कि उससे सहजमें ही गौर जल्दीसे याद घनीभूत होता प्रेसर एजिनको (Iligh pressure Engine) ष्टि की। " सस यापके शक्तिवर्द्धनको गनेक सुविधायें हुई। इसके बाद धीमर, रेल गादि यानों के परिचालन के लिये यह पअिन "परमस्फेरिक पअिन" (Atmospheric |. गणितविज्ञानफे साहाय्यस प्रचुर तथ्य सङ्कलित कर एक Engine ) नामसे अभिहित होता था। घटन, स्मीटन ' अमिनययुग प्रवर्तित किया गया है। यायलरको पाप तैयार और गन्यान्य इञ्जिनियर इस यन्त्रको यहुत उन्नत की। , करनेकी शक्ति साथ याप्पीययानकी गति और सन्ति । इस्यो सनकी १८यौं शताब्दी में फेवल जल ऊपर उठाने हित भारित्वका विचार करना गायश्यक है । सन् १८३५ - - के लिये ही यह यन्त पचहत होता था। ई० काउण्ट डो-पेम्बरने इसके सम्बन्धों सिमान्त संस्था .. ____टोम एलिनको उन्नति करनेवालोंमें जेम्स वाटका' पन किया। याप्पयन्त्रके मवयों में निम्नलिखित मायय नाम यहुन प्रसिद्ध है। घे ग्लासगो नगरमें गणित. ही प्रधान है-- सकान्त यन्त्रादिका निर्माण किया करते थे। सन् । १-चुल्ली गौर जलोत्तापपात ( Furnace and १७६३ ६०में ग्लासगो युनियरसिटोफे एक अध्यापकने | Boiler ) उनका एक पटमसफेरिक एमिनका मादर्श मरम्मत करने २-यापान और सञ्चालनदण्ड (Cylinder and. के लिये दिया । पाटने इस आदर्श यन्त्रको पा कर इसके | pisto:.) द्वारा नाना तरको परीक्षा करनी भारम्भ की, उन्होंने ३ घनत्यसाधक और यायुनिर्माणपन्स ('Contlenser :. देवा पिष्टम ( Piston ) के प्रत्येक अभिघातफे लिये | and nir pump ) शिम दिसावसे याप न होता था, यह सिलिण्डरफ मेकानिजम् (Mechanism) इनमें प्रत्येको बहुतरे । .. यापकी अपेक्षा अनेक गुना अधिक था। पारने इस अङ्ग और अपाङ्ग हैं। यादुल्यो घरसे इन सब मामा विषयको परीक्षा करने में जलके बाप्पमें परिणत दोनेके का उल्लेख किया गया। सम्बन्ध कई घटनाओं का सन्दर्शन किया। उन्होंने ये सय पापयन्त्र इस समय कितने ही प्रयोजनीय . . भने गपणास फलमें विस्मित हो डाफ्टर ब्लैकसे कायों में व्यवहन हो रहे हैं। रेल, टोमर याण स्ति- इस गपणाको पात कही। इस शुभ सम्मेलनफे फल- पात कही। इस शुभ सम्मेलनफे फल-1 से परिचालित हो रहे हैं। मालूम होता है, कि मदर । से याप्पयन्त्रको अमिमय उन्नतिका पथ प्रसारित हो। भविष्य में इलेयिद्रकरे यन्त्र मोसमी जगह यापीय रेल - उठा। इसी समयसे सिलिण्डरफे हाय कनडेसर| यन्त्रका स्थान अधिकार कर लेगा। मौसे ऐसा प्रतीत (Conilonser ) नामक एक आधार संयोग किया होता है। गया। सोमाधारक साहायसे याप्प घनीभूत होनेका पापस्येद । म पु०) गुल्मरोममें निकलनेपामा । उपाय यदुम सहज हो गया । यह कगडेन्सर एक पमोना । गोसल जलाधार पर संस्थापित कर पाटने चार घनो पास्पोयपति .-१७३७१० जेनसान दानने एक छोटो मी भूत करनेका उत्तम बन्दोवस्त किया। जलाधारक पुस्तिकाकी रचना की। इस पुस्तिका उनि योमर जल गर्म होनेसे हो उम जलफो फेक गोगल जल दिया। प्रस्तुत करनेको उपयोगिता विषय पर पा लेख लिला .. जाता था। इस प्रकार से कनदेसर गोतल जलसे संस्पृट । -या। किन्तु प. बाद य पीत गये। इसके सरल