पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/१३५

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


वर्ग मोल और लोकमला गभग १४६५८६। रसम बढ़ा ( वि.) पाया और पधिक, वेदगुना। २७५ पाम लगते , पर एक भी नहीं। इसके (पु.) २ सौर पथ संग रास्ता, जिसका एक किनारा उत्तरमें रिन्द नदी और दक्षिणमें सेर नदी प्रवा. ठाम हो। कुछ उप खरका गाम । ४ गुनो संस्खा. का पहाड़ा। २ डेरापुर जिलेका एक प्रधान नगर। यह मार डेल ( पु.) लिखनेके लिये शेटा ढासुबाँ मज़। नदोके बाये किमार कानपुर सहरसे १७ कोस परिममें डेहरिया-कायो प्रदेशके पूर्व भागने कामनाथा नदौके अवस्थित है। यहाँ सहसौलको कमारी, प्रथम श्रेणी किनारे अवखित एक प्राचीन ग्राम। भविषखडा का थाना, विद्यालय, डाकघर प्रादि है। महाराष्ट्रोंक के मतसे यहाँ प्राचीन कालमें ताड़का राममो रहती थी। शासनकालमें (१७५६-१७६२ ई०को) रम प्रदेश शासन- उसकी मृत्य रामचन्द्र के हाथसे हुई और मौ स्थान पर का गोविन्दराय पण्डित यहां एक सुदृढ़ दुर्ग बना उसकी मुखियाँ कालक्रमसे महमें मिल गई। गये हैं। नगरमें अनेक प्राचीन मसजिद भी है। ___(मः ब्रह्म. ५८०) डेरोला श्रीगौह-योगौड ब्राह्मणोंको जातिका एक भेद। डेहरी (हि.सी.) दालोज, देहली। मालव प्रान्समें ये अधिक संख्या में पाये जाते हैं। इनका डाल हि पु० ) हरी देखा। आचार विचार माधारण है। शूद्रकन्याको सन्तान होने जैगना (Eि पु०) वर काठ जो नटखट चौपायों के गले में के कारण इनका पद नोचा है। कहते हैं, कि लक्ष्मीक बांध दिया जाता है, गुर शापसे ये लोग भिक्षुक हो गये है. इसलिए कम धर्म में ऊँमा ( हि'• पु० ) पक्ष, पंख, पर। भी हीन है। म ( पु.) सत्यानाशी, प्रभागा। डेल (हि.सी.) १ रबी की फसल के लिये जोती डैश ( पु.) पारेजी विराम-चित्र। इसका जमोन। (पु.) लगामें होनेवाला एक प्रकारका प्रयोग कई योसे किया जाता। बाके बोच बड़ा और ऊँचा पड़ । रमको लकड़ी मेज़ कुरसी पादि उंश दे कर जब कोई वाक्य लिया जाता है, सब बनाने के काममें पातो है । इसके बोज खाये जाते हैं और उस वाक्यका व्याकरण सम्बन्ध प्रधान वापस नहीं उनमे एक प्रकारका तेम्न निकलता है जो दवा पोर होता। रसवा चित्र'--'यो है। जैसे, वो मनुषपाई जलानेके काममें पाता है। ३ उम पक्षो। ४ पत्थर पढ़े लिखे है-चाहे वे हिन्द हो, चाहे मुसलमान हो, मही पादिका खड, देला, गेड़ा। चाई भगो हो-सभी उनका पादर करते है। डेसटा ( पु. ) व तिकोनी जमोन जो नदियोंके डॉगर (हि.पु. ) पहाड़ी, टोला। मुहाने या सङ्गमस्थान पर उनके द्वारा लाए हुए कोचड़ डोंगा (हि.पु.)१ वा नाव जिसमें पास नहीं रखता पौर बाल के जमनेसे बनता है। डेला (जि. पु.) १ अाँखका कोया । २ नटखट चौपायोंके डोंगो (हि.सी.) १ बिना पालको शेटो गांव। २ गलेमें बाँधे जानेका काठ, वेंगुर । शेटी नाव। ३ लोहारका वा पानोका बरतन जिसमें डेलिगेट (10 पु०) प्रतिनिधि, ये किसी खानके निवासि.. वे लोहा लाल करके बुझात। योको बोरसे किसो सभामें अपनी सन्मति देनेके लिये डोडा (•ि पु० . १ बड़ी इलायची। २ कारतूम, टोटा। भेजेजति। डोंडी (हि.सी.) १ पोस्त का फल जिसमेंसे पफोम लिया ( पु.) लाल या पीले रंगका पल देने निकलती है। २ उमरा मुंह, टोटो। छोटो माव। वाला एक प्रकारका पौधा ।। डोई ( खो०) काठको बड़ी करको। यह कड़ा. बढ़ना (क.लि.) १ पाँच पर रक्सी र रोटोका. मैके दूध, घी, चाशनी पादि पलाने के काममें पातो है। कूमना । २ कपड़ेगा तासगाना। जोड (g.) पदापारा।