पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष नवम भाग.djvu/५४

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टेहा टेनिसन (लॉर्ड भलफेड) गया हो। २जो समानान्तर न गये हो, तिरका । ३ कविको बास्वकास हो समुहको योभा पसन्दछौ। कठिन, मुश्किल, पेचीला । ४ उपत, उग्र, उज्जड़। कवि एवं ममालोचक मि फिज जेरबहने को कहा टेढई (हि.सी.) वक्रता, टेढ़ापन । है कि "पापको कविको स्वाभाविक प्रीति लिनकलन- टेढ़ापन (दि.१०) टंढाई देखो। शायर के प्रानसिक मौन्दर्य से भी पास हुई।" टेठे। लिकि वि. पचौला। १८२७१ में फ्रेडरिक, चानम् पौर प्रलोड रन टेना (कि० कि.) १ नेज करने के लिये रगड़ना। २ मूछकं तोनों टेनिसन माताओं ने मिलकर एक साथ "दो भार बालों को खड़ा करनेके लिये ऐंठना। योको कवितावलो" इस मामले एक पुस्तक निकालो। टेनिम ( पु० ) गैदका एक खेन । चार्लम और पलडकी कविताएँ अधिक होने के कारण टेनिमन ( नॉई पन्लफ्रेंड)-१८वीं शताब्दी के मर्वश्रेष्ठ पुस्तक का नाम "दो भाइयों को कवितावलो' रक्खा गश अंग्रेज कवि । १८०८.सा. ६ अगम्तको लिनकनन था हम पुस्तकको बेच कर रहीने बोस पौण्ड का लाभ शायरक अन्तर्गत मोमाम वो नामक स्थानमें पापका जन्म उठाया था। मिल्टनके विश्वविख्यात महाकाव्य “पराडा- या था। पाप अपने पितामातांक १२ पुत्रवियोंमें चतुर्थ इमलष्ट के बेचनेमे कल ५ पोगद प्राप्त हुए थे, इमको पत्र थे । पापके पितामह जॉर्ज टेनिमनमे, जो पामिण्ट- तुलनामें टेनिमनका लाभ बहुत ज्यादा है। में मदस्य थे, अपने पुत्रको त्याग दिया था। इस कारण १८२८ ई०को २० फरवरी को चालस और पन- कविक पिताको अपने जीवन में अपनी ही कोशिशमे धनो- फ्रेंड कैम्ब्रिज ट्रिनिटि कालेजमे प्रवेशिका परोनाम पान करना पडा था। लिनकन नशायरको शस्यश्यामला उत्तीर्ण हए । दोनों भाई जरा नाजुक प्रशति- भूमि, छोटी छोटो भदियो भोर वन, उपवन पादिकी के थे, पहले ये किसोमे मित्रता न कर मके थे। किन्तु प्राकृतिक गोमाको देखते देखते बचपनसे हो टेनिमनमें अब कुछ ही दिनों में इनको कर एक प्रतिमासम्पन कवि प्रतिभा जाग उठी थी। यह कारण है कि आपने युवकांस मित्रता हो गई, जिनमें ट्रेन, लो हाफटन, धान्यावस्थामे ही कविता माना प्रारम्भ कर दिया। जम्म् मे डि, डम्लय • एएच० टममन, एडवर्ड फिज १८१५ ई० को बर्ट टिनकी छुष्टियों के बाद पाप माउथ. जेग्ल्ड पादि प्रमित प्रसिद्ध व्यक्ति भी थे। १८२८ ई.के के विद्यालयमं भगती हुए । बम विद्यालय में पाँच वर्ष जून मासमें “टिमबुकटू" नामको कविता पर टेनिमन- अध्ययन करने के बाद आप मोमाम वो नौट पाये और को चान्मेनरका पदक प्रान हुपा था। इसी ममय पाप अपने पिता के पाम पदने नगे। आपके पिता ख लोग कुछ गोनि-कविताएँ लिखी थों जो कि प्रशसनीय है। धम मम्प्रदाय क प उच्चयोक पगेहत थे--उन १८३० ईमें इनमेंमे कुछ कविताएँ प्रकाशित । मकानम नाना प्रकारक ग्रन्थोंसे परिपूर्ण एक पाठागार अवि बायरनको मृत्यु के बाद छ वर्ष तक अंग्रेज जातिको था। यहां रहने ममय बालक टेनिसनका साहित्य के माथ कायरमका पास्वाद नहीं मिला था, अब कोस वर्ष के इतना घनिष्ट सम्बन्ध हो गया था, कि कवि.बायरनका युवक कविके काव्यालोकसे परिचित हो लोग अपनेको मृत्यु मवाद मुन कर आप अत्यन्त दु:पित हुए थे। धन्ध समझने लगे। नवीन कविका कल्पना सुकुमार अपने वन में जा कर एक काष्ठके जपर खोद दिया-'बाय- भाव, छन्दको मधुर गति पोर चित्रकलाका पपूर्व समा. रन भाज मर गये।" टेनिनको पहलेसे ही माहित्य- वेश देख कर सब ममझ गये कि में फिर एक वर्धाका शौक था। बारह वर्षको उममें पापने ६००. प्रतिभावान कविका पन्य य एषा। तदानीन्तन सुप्र- पशिोवा एक महाकाव्य रचा था: चौदह वर्ष की पव- सिष्ठ कवि कोलरिजने पापको कवितामोंकी बहुत ही स्वामें पमित्राक्षर छन्दमें एक नाटक लिखा था। ये प्रशंसा की, साथ ही जहां जहां बन्दपतन हुपा था, दोनों ग्रन्य बापने उस समय पाये न थे । टेनिसन:परि उसका भी दिग्दर्शन करा दिया। बार घोषातुम समुद्रके किनारे रखता था, इस कारण १८३.१. टेनिसन और शाम दोनों सोनिय