पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/२६०

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बहलगन्धकृत-बहादुर खां बहलगन्धकृत ( स० पु० ) पक्षिराज शालिधान्य, पक्षिराज देशवासी ख्यातनामा जलाल-उद्दीन मौलवी समीके नामका धान। पिता। ख्वाजारिमके शासनकर्ता सुलतान महम्मद पहलचक्षस् ( स० पु० ) मेषशृङ्गी, मेढ़ासींगी। उहीनके शासनकालमें इन्होंने विशेष प्रतिपत्ति लाभ को। बहलत्वच (सपु०) वहला गुढ़ा त्वक् वल्कलं यस्य। सुफी साम्प्रदायिक मतमें उनको एकान्त भक्ति रहनेके १ श्वेतलोध्र, सफेद लोध । २ भूर्जपृक्ष, भोजपत्रका कारण उन्होंने अपने मतका प्रचार करनेकी इच्छासे उस वृक्ष। धर्मतत्त्वकी विषद व्याख्या प्रकट की। उनकी यह वक्त ता बहलदल ( स० पु. ) कृष्णशोभाअन, काली सोहि जना । सुननेके लिये पारस्यके नाना स्थानों से दल बांध बांध बहलना (हिं० क्रि०) १ दुःखकी बात भूलना और नित्तका कर मुसलमान लोग आया करते थे। जीवनकी शेषा. दूसरी ओर लगना। २ मनोरञ्जन होना, मित्त प्रसन्न वस्थामें वे मातृभूमिका परित्याग कर तुरुष्क राज्यके होना। कोणिया नगरमें जा बसे। यहां १२३० वा १२३३ बहलवमन ( स० क्ली० ) नेववर्त्मगत रोगभेद। वर्त्म- ई०में उनकी मृत्यु हुई । पीछे उनके पुत्र ने इस सम्प्रदायक देशका जैसा रंग है उसी रंगको पिडका जब वमके प्रधान गुरुका आसन प्राप्त किया। चारों ओर हो जाती है, तब उसे बहलवत्म कहते हैं। बहाउद्दीन जकरिया शेख-मूलतानवासी एक मुसलमान वहला (सं० स्त्री०) बहलानि प्रचुराणि पुष्पाणि सन्त्यस्याः, ! फकीर, कुतुबुद्दीन महम्मदके पुल और कमाल उद्दीन अर्श आदित्वादच । १शनपुष्पा। २ स्थूलैला, बड़ी कुरेशीके पौत्र । मूलतानके अन्तर्वती कोटकरोड नगरमें इलायची । । ११७० ई०को उनका जन्म हुआ। पाठाध्ययन शेष करके बहलाङ्ग ( स० पु० ) मेषश्टङ्गी, मेढासींगी। ये बोगदाद नगर गये और वहां शेख सहाबुद्दीन सुहर- बहलाना (हिं० क्रि० ) १ झंझट या दुःलाकी बात भुलवा वारीके शिष्य बने। पोछे मूलतान लौटने पर फकीर- कर चित्त दूसरी ओर ले जाना। २ मनोरञ्जन करना, उदोन शकरगञ्जके साथ इनका परिचय हुआ। १२६७ चित्त प्रसन्न करना। ३ भुलावा देना, बातोंमें लगाना ! ई०को मूलतान नगरमें इनकी मृत्यु हुई। भारतवर्षीय बहलाव (हिं० पु० ) प्रसन्नता मनोरंजन । श्रेष्ठतम मुसलमान साधुओं में ये एक थे। मरते समय बहलिया ( हि० पु०) बहेलिया देखो। ये अपने पुत्रादिको अतुल सम्पत्ति छोड़ गये। बहली (हिं० स्त्री०) एक प्रकारकी छतरोदार या परदेदार बहाउद्दीन साम--घोर और गजनी राज्यके नरपति गया- गाड़ी जिसे बैल खींचते हैं। सुद्दीन महमूदके पुत्र । १२१० ई०को १४ वर्षको बहल्लो (हि. पु०) कुश्तीका एक पेंच । अवस्थामें ये पितृसिंहासन पर बैठे। तीन मास राज्य बहस ( अ० स्त्री० ) १ खण्डन मण्डनको युक्ति, दलील । करने के बाद ये अलाउद्दीन असिजसे परास्त हुए और २ विवाद, झगड़ा । ३ होड़, वाजी। होरटके शासनकर्तासे कैद किये गये। चेगिस खांके बहसना (हि० कि०) १ तर्क वितर्क करना, विवाद करना। आक्रमणकालमें इन्होंने बहाबुद्दीनको ख्यारिजमके हाथ २ शतं बांधना, होड़ लगाना। समर्पण किया जिसने इन्हें नदीमें डुबा मारा। बहाउद्दीन नसबंद शेख--एक मुसलमान फकीर । इन्होंने बहादरान-राजपूतानेके बीकानेर राज्यके अन्तर्गत एक सुफी सम्प्रदायको नक्सबदी शाखाका प्रवर्तन करके जिला और उसका प्रधान नगर। बीकानेर देखो। अच्छा नाम कमा लिया था। इन्होंने हैवतनामा' नामक बहादुर (फा० पु०) १ उत्साही, साहसी। २ पराक्रमी, एक नोतिमूलक और 'दलील-इ-अशिकिन' नामक एक शूरवीर। स्वीय साम्प्रदायिक प्रन्थको रचना की थी। पारस्य- बहादुरी ( फा० स्त्री० ) वीरता, शूरता। राज्यके हरफा नगरमें १४५३ ई०को उनका देहान्त हुआ। बहादुर खा---( बहादुरखान्-इ-शेवानी) दिल्ली के बादशाह बहाउहीन बलद मौलाना--एक मुसलमान साधु, बाहिक | अकबर के प्रसिद्ध सचिव खान् जमानके छोटे भाई ।