पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष पंचदश भाग.djvu/२७८

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२७२ बहूच -खाका तख्त पर बैठे। ये ही वर्तमान नवाव हैं । वृटिश- इसमें बांक चलानेका अभ्यास किया जाता है। यह सरकारसे इन्हें १७ तोपोंकी सलामी मिलती है। इन्हें कसरत बैठ या लेट कर होती है। ४ वांक नामक हथि- १२ कमान, १७० कमानवाही, ३०० अश्वारोही और प्रायः यार चलानेकी क्रिया। ५ पैरों में पहननेका एक प्रकार- २॥ हजार पदातिक रखनेका अधिकार है। का चाँदीका गहना। ६ एक प्रकारकी पटरी या चौड़ी ___ इस राज्यमें १० शहर और १००८ ग्राम लगते हैं। चूड़ो जो हाथमें पहनी जाती है। लोहारोंका लोहेका जनसंख्या साढ़े सात लाखके करीब है। सैकड़े पोछे बना हुआ शिकंजा जिसमें जकड़ कर किसी लोहेकी ८३ मुसलमानोंकी संख्या है। विद्याशिक्षामें इस राज्य चीजको रतते हैं। ८ गन्ना छिलनेका एक औजार जो का जिलेमें ३१वां स्थान आता है । सैकड़े पीछे २ मनुष्य सरौतेके आकारका होता है। ६ कमान, धनुष । १० पढ़े लिखे मिलते हैं । यहां सादिक-इगग्टन नामका ! एक प्रकारकी छोटी छुरी जो आकारमें कुछ टेढ़ी १ कालेज, १ हाई स्कूल, ७ एङ्गलो-वर्नाक्युलर मिडिल होती है । ११ वक्रता, टेढ़ापन । (त्रि०) १२ टेढ़ा, स्कूल, ३ प्राइमरी स्कूल और १ चर्च मिशन-स्कूल है। घुमावदार। १३ बांका, तिरछा । (पु० ) १४ जहाज- स्कूलके अलावा २ अस्पताल और ६ चिकित्सालय हैं। के ढांचे में वह शहतीर जो खड़े बलमें लगाया जाता है। २ उक्त राज्यकी तहसील । यह अक्षा० २७ ५२ से (स्त्री०) १५ एक प्रकारकी घास । २६. ३३ उ० तथा देशा० ७११६ से ७२ ३६ पू०के मध्य बांकड़ा ( हि वि०) १ बीर, साहसो । (पु०) छकड़े- अवस्थित है। भूपरिमाण ३६१७ वर्गमील और जन- के आँककी वह लकड़ी जो धुरेके नोचे आड़े बलमें संख्या प्रायः ९१६५४ है। इसमें इसी नामका एक लगी होती है। शहर और १०७ ग्राम लगते हैं। बांकड़ी ( हि स्त्री०) बादल और कलावत्तका बना हुआ ३ उक्त तहसीलकी राजधानी । यह अक्षा० २९२४ उ० एक प्रकारका सुनहला या रुपहला फीता। इसका एक तथा देशा० ७१४७ पू०के मध्य अवस्थित है । जनसंख्या सिरा कंगूरेदार होता है और इसे स्त्रियोंकी साड़ी आदि- २० हजारके करीब है। १७४८ ई०में नवाब बहवल खाँ में शोभाके लिये टाँकते हैं। १म ने इस नगरको बसाया। नगर चारों ओर मट्टीकी बाँकडोरी ( हिं० स्त्री० एक प्रकारका शस्त्र । दीवारसे घिरा है। यहांका नवाब-प्रासाद ही देखने लायक है। राजप्रासादकी छत परसे बीकानेरका बांकानल ( हिं० पु० ) सोनारोंका एक औजार । इसे फूक मार कर वे टाँका लगाते हैं। विस्तृत मरुदेश नजर आता है। १८७५ ई०में बना हुआ अतिथिशाला वा नूरमहल देखनेसे मन आकृष्ट हो जाता । बाकना ( हिं० क्रि० ) टेढ़ा करना। है। उसके बनवानेमें कहते हैं, कि १२ लाख रुपये लगे थे। बाकपन ( हिं० पु०) १ तिरछापन, टेढ़ापन। २ छैला- कालेज और स्कुलके अलावा यहां अनाथालय भी है। पन, अलबेलापम । ३ बनावट, सजावट। ४ छवि, बहाच ( स० स्त्री० ) १ ऋग्वेद । बहध्य ऋचो यस्मिन् । शोभा। “(क्ली० ) २ सूत । ( पु० ) ३ ऋग्वेदश ब्राह्मण। बांका (हिं० वि० ) १ टेढ़ा, तिरछा। २ बहादुर, वीर । बहू ची (सं० स्त्री० । बह वचस्य पत्नी, बहू,च-डीप ।। ३ सुन्दर और बना ठना, छैला । (पु०) ४ लोहेका बना ऋग्वेदवेत्ताका स्त्री। पहले स्त्रियोंको स्वाध्याय और अध्य- हुआ टेढ़ा एक प्रकारका हथियार। इससे बॉसफोड़ यन करने में पूरा अधिकार था पर अभी नहीं है। लोग बांस काटते और छांटते है। ५धानकी फसलमें वाँ (हिं० पु० ) १ गायके बोलनेका शब्द । २ बार, दफा|| हानि पहुंचानेवाला एक प्रकारका कीड़ा । ६ बारात आदि बांक (हिं० पु.) १ भुजदण्ड पर पहननेका एक आभूषण, में अथवा किसी जुलूसमें वह बालक या युवक जो खूब चन्द्राकार बना हुआ टांड़ जो बच्चों की बांहमें पहनाया सुन्दर वस्त्र और अलङ्कार आदिसे सजा कर तथा पालकी जाता है। २ नदाका मोड़। ३ एक प्रकारको कसरत। आदि पर बैठा कर शोभाके लिये निकाला जाता है।