पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/२२३

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


२२८ लांचनी उड़ी-लाकिनी लांघनी उड़ी ( हि स्त्रो०) मालसंभकी एक कामरत ।। कती रहती हैं। जय तुफान या अन्य किमी दुधरनामे यह साधारण उडोके ही समान होती है। इसमें विशेषता जहाज दबाने की आशका होती है, नय ये ना पानी यह है, कि इममें बीचका कुछ स्थान कृद या लांघ कर छोड दी जाती हैं। लोग इन पर चह पर प्राण बचाते हैं। पार किया जाता है। लाइने गे ( स्त्री० ) १ यह स्थान जहां पढ़ने के लिये लाच (हि. स्त्री० ) रिशवत, घूस । । बहुत सी पुग्तकें रती हो, पुस्तकालय १२ या कमग या लाजी (हि.पु.) एक प्रकारका धान। भवन जहा पुग्नकोंका मप्रद हो, पुस्तकालय । लाइक (हिं० वि०) लायक देखो! लोनम (10 पु. ) मंग प्रेग्यो ।। लाइची (हिं० स्त्री० ) इलायची देखो। लाई (दि स्त्री० ) १ उगले हुए धानों को नुप्रा कर लाइट हाउस (० पु० ) एक प्रकारका स्तम्भ या मीनार , गरम वान्लूमें भूननेसे बनी हुई गोले, धानका लाया। २छिी शिकायत, चुगली। जिसके सिर पर एक बहुत तेज रोशनी रहती है जिसमें लाई (फा० रखी० ) १ एक प्रकारका रेशमी कपडा । जहाज चट्टान आदिसे न टकराय या और किसी प्रकार । लाई २एक प्रकारको ऊनी चादर । ३गरावकी लतउटा। को दुर्घटना न हो, प्रकाशस्तम्भ । लाइत् माव-दो-आमामके खासिया पर्वतमाला के अन्दर । लाऊ ( हिं० पु०) लोको, घिमा। लाक-अप (० पु० ) हालात । एक गिरिश्रेणी । यह समुद्रकी तहसे ५३७७ फुट । 'लाफडी (दि स्त्रो०) नकली देखा। ऊंची है। .... । लांकेट (10 पु०) वह लटकन जो घडीकी या और लाइन (अं० वि० ) १ फतार, अवली । २ पंक्ति, सतर।। किसी प्रकारको पहननेको जंजीरमेशीमाके लिये लगाया ३ रेलकी सड़क । ४ घरोंकी वह पंक्ति जिनमें सिपाही "। जाता है और नीचेको ओर लटकता रहता है। रहते हैं, वारिक. लैन । ५ रेखा, लकोर । ६ व्यवसायक्षेत्र, . 'लाक्साम-त्रिपुगके अन्तर्गत एक गएडग्राम। यहां पेगा। आसाम यंगाल रेलवेका एक जकशन है। लाउन क्लियर (० पु०) रेलवे में वह संकेत या पत्र जो लाकाटोंग-सामप्रदेशकी जयन्ती शैलमाला दक्षिण किसी रेलगाडी ड्राइवर को यह सूचित करनेके लिये अब स्थत एक प्राम । यह सरमाको शाग्या परिनदो दिया जाता है, कि तुम्हारे आने या जानेके लिये रास्ता तीरवत्ती बोरघाटसे ६ मील दूर और समुद्रपृष्ठसे २२०० साफ है । विना यह संकेत या पत्र पाये वह गाडी यागे फुट ऊंचा है। यहां एक छोटी कोयलेकी सान है। इस नही बढ़ा सकता। खानका कोयला प्राय. संगोजी घड़िये कोयले के समान लाइफ वाय (अं० पु०) एक प्रकारका यन्त्र। यह ऐसे है। यह अद्धरेज-सरकारके मानहता है। लाका दोगस ढंगले बना होता है, कि पानीमें इवता नही, तैरता रहता कुलीगाडी बोरघाट लाकर कोयला बोझाई करता था है और डवते हुए व्यक्तिके प्राण बचानेके काममे आता इसमें वहुन पर्न पडता था । इस कारण बाज कल है। इसे तरेंदा भी कहते हैं । यह कई प्रकारका होता यहांसे कोयला निकाला नही जाता। है और प्रायः जहाजों पर रजा रहता है। यदि संयोगसे लाकावादर-वम्बई प्रेसिडेन्सीके काठियावाड विभागके कोई मनुष्य पानी में गिर पड़े, तो यह उसकी सहायताके मालवाड़ प्रान्तमें एक छोटा सामन्तराज्य । यहाके सर- लिये फेक दिया जाता है। इसे पकड लेनेसे मनुष्य | दार बडौदा गायकवाडको वार्षिक १५४) और जूना- इवता नहीं। गढ़ नवावको २४) राजकर देते हैं। लाइफ वोट (अ० स्त्री० ) एक प्रकारकी नाव जो समुद्र में | लाकिनी (सं० स्त्री० ) तान्त्रिकों के अनुसार एक योगिनो- लोगों के प्राण बचानेके काममें लाई जाती है। ये नावें| का नाम । दुर्गोत्सवपद्धतिमें 'ला लाकिनीभ्यो नमः विशेष प्रकारसे बनी हुई होती हैं और जहाजों पर लद- | इस मन्त्रसे पूजा करनी होती है।