पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष विंशति भाग.djvu/४४

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रोम साम्राज्य करनेके पापी हुआ। दूमरे वर्ष के लिये व सल पद पर | साइफापाकी मेमिका सफोनिया कैद कर ली गह।। नियुक्त हो उसने अमिका जा वहाके यूनिक लडाका मेसिनिता बहुत दिनो तक इमका प्रेमाक्षी था। अन्त करता चाहा। किन्तु प्रवीण दोनो कम्सलोने इसमें । इस समय इसाको कैद पर उसने इसके साथ विवाह मम्मति नहीं दो। तव सिपिमोने सिसिली पर विजय ) कर लिया पितु इस वातको सिपियो नही जानता प्राप्त करनेको इच्छा प्रकट की। किन्तु सेनेटने पोज, था। पितु उसने मनमें अनुमान किया, कि पीछे इस भेजनेमें अनिच्छा प्रकट को। सिपि का अद्भुत साहस, विवाहले फलसे मेसिनिसा अपने ससुर हासद वलया देख कर बहुनरे रामा घोर स्वेच्छापूक लडाइमें लिये पक्ष ले लिया, इमीलिपे उसने उस कन्याको उसके अप्रसर हुए । सनेट इन युवकोंकी इच्छाओं को या न हाप सौंप देनकी बात कही। मेसिनिमा मफोनिसया सकी। सिपिभी सिसिलीमें लडाइका उद्योग करने लगा।। को वास्तव में प्रेम करता था। इससे उमको इधर उसके शत्र उसको लौटा लाने लिये सेनेटको | उपयुक्त न समझ उसको जहर पिला दिया। इस तरह एत्तेजित करने लगे। सिपिओ यूनानी साहित्यमें अनुरन सफेनिसवाका अत हुआ। काधे जीयो ने सिपिओके और सत्य त विलासी था। इमलिये पुराने रोमवासो | पराक्रमस तग आ पर रोमसे चले आने के लिये हानि उसको अच्छी दृष्टिसे दखने न थे। उसके शत्रुभोंने समा वल और मागोरके पास दूत भेजे। हानिवलन १५ वर्ष चार दिया कि सिपियो सिमिलीमें बैठ कर विलास तक इटलीम युद्ध पर एक छोरसे दूसरे छोर तक प्रवाहमें प्रवाहित हो रहा है, इससे उसको "ीघ्र पापस | अधिकार कर लिया था। हानियलफे सादेश लौरीपर यता लेना चाहिये। किन्तु सेनेटको उसको लौटा ने रोमक बड़े खुश हुए। हानियलके साथ युद्ध करनेसे को साहस न हुभा। इसलिये ज्ञान परमक रिपे उसने रोमकोंके ३००००० सैन्य विनष्ट हुए थे। धरन जो पर मीम नियुक्त किया। कमीशनने यहा जा कर लुट गया था उसकी इयत्ता नही । रोमकोंने उस पहले उमफे युद्धोद्योग धीर अभिनव रणकौशल देख कर विस्मित ऐसे घोर पुरुषको ऐसा न था। हदयसे भूयसी प्रशसा की। उस समय सेनेटने उसको अद्वितीय पितृभक्त पुरने पिताकी माशा पालनके माने बदले अमिकामें जा कर युद्ध करनेकी आज्ञा | लिये जो महायत उया था, उसका किञ्चिताश परा प्रदान की। इसके अनुसार (मासे २०४ वर्ष पहले) कर हानिवल लम्यो सास ले जहाज पर पैठा। उसके लिपिनो लिडिषियमसे ममिकाके उरिका नामक स्थान कार्थेजमें पहुचते ही कार्थेजीय नपे यर से बलवान हो razा गया। कार्थेजीय सैनिक सिपिओके पहले उठे, फितु हानिवल ने वहाकी अयस्थाका पर्यावक्षण पर प्रतिद्वन्द्वी जियांगो दासत पर की अधीनताम परिमालित युद्धसे सधि ही करना उचित जाना । कि तु युद्धीमत्त हुए थे और उसका रामाद साइफापसके साहाय्यार्थ | सिपिभोको क्डो सन्धि शतों को कार्थेजीय से य वीरत कार्थेतक पक्षमें युद्ध करने लगा । २०३ ईसाके पूर्व राति | नहीं कर सका । हानियर प्यय उपस्थित हो किसी के अनुसार युद्ध भारम्म हुआ। मेसिनिसान के किसी शत्तको घदल देना चाहा, कितु सिपिभोने उस मोहद्यक अनुसार सिपिभोका पक्ष प्रहण किया। पर जरा भी ध्यान न दिया । फ्लत एडाद छिड घोरा -धेरी रातमें सिपिभोने काथजीयके मे गह । (२०२ इसाके पूर्व ) जेमा नामक स्थानमें पर मामण किया और भाग लगा दो। मारे खेमे | दोनों फौजोंका भयङ्कर युद्ध आरम्भ हुआ । इस युद्ध में जर कर भस्म हो गये। बहुतेरे कार्य जीय सैन्य तलवार | सिपिभोकी ही विजय हुई। २०००० काय जोय और भागके मुखर्म पतित हुए । हासद पर फिर एक मैनिक रक्तात परिपरित नरमुण्डोंसे युद्धस्थल चार सय रे रमाइफापसकी सहायतामें युद्ध परने भयङ्कर हो उठा । २५००० का जीय र कर लिये लगा। किन्तु सिपियो गौर मेसिसाको सम्मि गये। हानियल ने बडे फारसे अपना प्राण बचाया। लित पोहोने 7 सावो को पूर्णरूपसे पराजित किया। फिर युद्ध करना असम्भव मममहानिक्लने मधिका Vol Xx 11