पृष्ठ:हिन्दी विश्वकोष सप्तदश भाग.djvu/८५८

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.. ७६ - मुण्डनिका-मुण्डाः . मएडनिकास स्त्री०) मुण्डशालि. दोरो धान ... तहसीलका एक बड़ा गांव । यह गोहानसे पानीपत जाने मुण्डपृष्ठ (स.सी.) एक प्राचीन जनपदका नाम ... के रास्ते पर अवस्थित है। यहां पोस्ट माफिस मोर मुफल (स.पु.) मुण्श्वत् फलमस्य 1. नारिकेल | स्कूल है, हिन्दू, मुसलमान और: जैन भादि धर्माव.. पृक्ष, नारियलका पेड़ । । ।

।। लम्बियोंका यहाँ वास है। . . .

मुण्डमण्डली (सं. 'पु०) १ मुरिसंत मस्तकसमूह, मुंण्डलौह (सं० लो०) लोहविशेष, 'मण्डर । यह लोह मडे हुए मस्तकोंको देर । २ मशिक्षित सेनापन्द, विना मृदु, किट्ट और कठोरके मेइसे तोम प्रकारका है। सोषी हुई फो। ..: : ; , (राजनि) मुण्डमाल (सं० पु० ) मुण्डमाला देखो। मुण्डयेदार (सं० पु० ) महाभारतके अनुसार एक नागा.. मुण्डमाला (सं०सी० ) मुण्डानां माला । १ फटे हुए। सुरका नाम । सिरों या खोपड़ियोंको माला जो शिष या.कालो देवीको गलेमें सुशोभित है। २ तन्लभेद । ३ घंगालमें वीरभूम मुण्डशालि (सं० ० मुण्डो मुरिडत व गालिः । शालि | धान्यभेद, बोरी धान । पर्याय-मुण्डनक, निशूक, और कादोके पास.प्रवाहित एक नदी। ::.., .. मुण्डमालिनी. (सं० स्रो०) मुण्डमालास्यास्तीति इनि, / · अशकक। इसका गुण विदोषनाशक, मधुराग्ल, बल- खियां डीप। दुर्गा, काली। गले में मुण्डमाला है इसी प्रद, रुचिकारक, दीपन, पश्य, मुखजाम्प और आपह माना गया है । ( राजनि०). . . . से इनका नाम मुण्डमालिनी हुआ है।.. . . भएमाली (सं० पु० ) मुण्डकी माला धारण करनेवाला, मुण्डा (सं० स्त्रो०) मुण्डा स्त्रियां सराय।१ महाशायणिका, शिय। . . ., गोरखमुडी। २ मुण्डिता स्त्री, पहली जिसके सिरके, मुण्डलाना-पंजाब प्रदेशके रोहतक जिलान्तर्गत गोहान | वाल मुड़े हुए हों। ..समदंश भाग सम्पूर्ण