पृष्ठ:Antarrashtriya Gyankosh.pdf/४०१

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स्याम तक स्तालिन ने सोवियत संघ मे कोई सरकारी पद ग्रहण नही किया । कम्युनिस्ट पार्टी के प्रधान मन्त्री की हैसियत से वह सेवा करता रहा । ६ मई १६४१ को अलबत्ता वह कौन्सिल आफ पीपल्स कमिसार्स (प्रधान मन्त्रियो की परिषद् ) का अध्यक्ष और रूस-जमन-युद्ध छिडने पर नव-निर्मित राष्ट्र-रक्षा समिति (स्टेट कौन्सिल आफ डिफेन्स) का अध्यक्ष बना, जिस हैसियत मे उसे सब अधिकार दे दिये गये । १६३४ मे उसकी प्रथम पत्नी का देहान्त होजाने पर उसने अपने निकट सहकारी कागनोविच की बहन से शादी की । पहली शादी से उसे एक पुत्र और एक पुत्री है। ___ स्तालिन-दुर्ग-पंक्ति-यह रूस की पश्चिमी सीमा पर, बाल्टिक सागर से कृष्णसागर तक, एक प्राकृतिक दुर्गपक्ति है । यह फ्रान्स की मेजिनो-दुर्ग-पक्ति की भॉति नहीं है । सीमा पर जो नदियों तथा झीले हैं उनके बीच-बीच मे किले बना दिये गये हैं । इस किलेबन्दी की तुलना फ्रान्स तथा वेलजियम की सीमा पर बनी हुई दुर्ग-पंक्ति से की जा सकती है । इस पंक्ति मे लोहे की एक जगी दीवार शामिल है । साथ ही ख़ास ख़ास जगहो पर मज़बूत किले बने हुए हैं । ___ स्याम–पूर्वी एशिया का प्राचीन राज्य, जहाँ पूर्व काल मे आर्य सभ्यता का प्रचार था; अगरेज़ी नाम थाईलैण्ड; क्षेत्र० २ लाख वर्ग०; जन० डेढ़ करोड, जिनमे २५ लाख चीनी है, राजधानी बकाक, शासक अानन्द महिडोल, जिसका जन्म सन् १६२५ मे हुआ, और प्रधान मन्त्री लुाग पिबुल संग्राम । राजा की नाबालिग़ी मे एक राज-परिषद् शासन-सचालन करती है । १६३२ तक इस देश मे स्वेच्छाचारी एकतत्र शासन था । सन् १६३२ मे राजतन्त्र और सैनिक-वर्ग की उत्क्रान्ति द्वारा नया शासन-विधान बनाया गया और तदनुसार एक धारासभा की स्थापना हुई। इसमे आधे प्रतिनिधियो की नामजदगी राजा द्वारा होती है तथा शेष का चुनाव किया जाता है, किन्तु सन् १९५२ से सभी सदस्यो का चुनाव किया जानेवाला है । अाजकल इस देश मे सैनिक अधिनायक-तत्र है । राजनीतिक संस्थानों पर प्रतिबंध है तथा चुनावो का सचालन सरकार द्वारा किया जाता है। पिछला राजा प्रजाधिपोक १६३५ मे गद्दी छोड गया और १६४१ मे इँगलैण्ड मे उसकी मृत्यु होगई । पिछले कुछ वर्षों मे सरकार ने देश के पाश्चात्यीकरण