पृष्ठ:Kabir Granthavali.pdf/३२

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रचना को कृषरापंरग करके निवृत्त हो जाने वाले कवियो ने अपने सम्बन्ध मे किचित माश्र भी उल्लेख नही किया । कबीर इसी परम्परा के अनुयायी थे । कबीर की कविता मे अन्तस्साक्ष्य बहुत कम प्राप्त होता है अन्तः साक्ष्य के आधार पर वे सिकन्दर लोदी के समकालीन प्रतीत होते है ।

           निम्नलिखित विद्वानो ने कबीर को सिकन्दर लोदी का समकालीन माना है ।
            लेखक का नाम      कबीर क समय      सिकन्दर लोदी का समय
        (१)  बील              जन्म सन् १४९०         यही समय
                              (संवत्  १५४७)
        
        (२)  फरकहार          सन् १४००-१५१७      सन् १४८९-१५१८
                             (सवत १४५७-१५७५)   (सवत् १५४६-१५४७)
        (३)  हंटर             सन् १३०३-१४२०          नही दिया ।
                             (सवत् १३५७-१४७७) 
        (४)  व्रिम्स            नही दिया            सन् १४८८-१५१७
                                                (सवत् १५४५-१५७४)
        (५)  मेकालिख         सन् १३९८-१५१८          सिंहासनासीन 
                            (सवत् १४५५-१५७५)     सन् १४८८
                                                (सवत् १५४५)
        (६)  बेसकट           सन् १४४०-१५२८       सन् १४९६
                            (सवत् १४९०-१५७५)     (सवत् १५५३)
                                                (जीनपुर गमन)
        (७)  स्मिय            सन् १४४०-१५१८      सन् १४८९-१५१७
                             (सवत् १४९७-१५७५)   (सवत् १५४६-१५७४)
        (८)  भडारकर          सन् १३९८-१५१८      सन् १४८८-१५१७
                             (सवत् १४५५-१५७५)   (सवत् १५४५-१५७४)
        (९)  ईश्वरी प्रसाद       ईसा की पंगद्रहवी      सन् १४८९-१५१७ 
                                 पतान्दा          (मंवत् १५४६-१५७४)
             इस प्रकार कबीर का जन्म संबन तेरहयो धनाब्दी के अन्त या चोदहयो शताब्दी के प्रारम्भ से लेकर संवत् १४८२ के मध्य मे होना चाहिए। कबीर की जन्म तिथि के सम्बन्ध मे निम्नलिखित मत है:-