पृष्ठ:उपयोगितावाद.djvu/१४५

विकिस्रोत से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।

SUPPLEMENTARY NOTES.

अतीतात्यक (Transcendentalists)-तत्त्वज्ञानियों के एक विशेष समुदाय का नाम है। इन्द्रियातीत सिद्धान्तों (Transcendental Theories) के मुख्य पोषक रिचर (Ritcher), फ़िशटे (Fichte) तथा शैलिंग हुए हैं। अमरीका में इस प्रकार के सिद्धान्तों का प्रचार एमरसन (Emerson) ने किया था।

एपीक्योरियन-एपीक्यूरस (३४२-२७० ईसा से पूर्व) नामक तत्ववेत्ता के अनुयायी। एपीक्यूरस का कहना था कि हम को इस कारण नेकी करनी चाहिये क्योंकि नेकी करने से सुख मिलता है और सुख से बढ़कर अन्य कोई चीज़ नहीं है।

कान्ट-एमैन्युअल कान्ट (१७२४-१८०४ ई॰) नाम का जर्मनी में एक प्रसिद्ध तत्त्ववेत्ता तथा वैज्ञानिक हुवा है। १८ वीं तथा १६ वीं शताब्दी के तत्त्ववेत्ताओं पर इस के विचारों का बड़ा प्रभाव पड़ा था।

कार्लायल-टामस कार्लायल (१७९५-१८८१ ई॰) नाम का एक प्रसिद्ध अंग्रेज़ी लेखक हुआ है। इसकी निम्न लिखित रचनाएं बहुत प्रसिद्ध हैं:- (1) French Revolution (2) Past and Present, (3) Life & Letters of Oliver Cromwell (4) Fredrick the Great.

प्लेटो-प्लेटो (४२९-३४७ ई॰ से पूर्व) यूनान का प्रसिद्ध तत्त्ववेत्ता था। इसका असली नाम एरिस्टोक्लीज़ (Aristocles) था। यह सुकरात का शिष्य तथा अरस्तू का गुरु था। 'डायलौग्स' (Dialogues) तथा 'रिपब्लिक' (Republic) नामक इसकी दो पुस्तकें बहुत प्रसिद्ध हैं।