पृष्ठ:गुप्त-निबन्धावली.djvu/११२

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मौलवी मुहम्मद हुसेन आज़ाद - जो किताबें उन्होंने अपने शौकसे तसनीफ या तालीफ़ की उनके नाम यह है :- १-आबेहयात। २-नैरंगे ख़याल । ३–दीवाने जोक। ४-दरबारे अकबरी। ५-सखुन्दांने फारिस ! ई-कन्द फारसी। ७-नसीहतका करन फूल । दोनों हालमें आगा साहबने छपवाई हैं। पिछली तालीमे निस्वां (नारी शिक्षा) से मुताल्लिक हैं। ८-नज़ मे आज़ाद आगा साहबने छपवाई है। पहिले मजमूआ१४ नज़ मे आजादके नामसे मौलवी सैय्यद मुमताज़अली छाप चुके हैं। ६-मकाशकात आजाद ; यह नीमबेखुदी १५ की हालतकी तसनीफ है। १०-मजमूआ नविश्तयेपाक यानी रसाला सपाक व नमाक आलमे इस्तग़राक१६ चीज़ है। इसके बाद कलम हाथसे गिर गया। सरिश्ता तालीमवाली किताबोंमें क़सिसे हिन्द हिस्सा दोयम और जामाउल कवायदकी बड़ी शोहरत है। क़सिसे हिन्दके ढंगकी किताब इस वक्त तक उर्दू में न थी आर हक यह है कि अब भी उस ढंगमें उसकी बराबरी करनेवाली कोई किताब नज़र नहीं आती है। जामाउल कवायद फारसी जबानके कवायदको ऐसी जामा किताब है, कि वैसी १४-संग्रह । १५-अविक्षिप्तावस्था । १६-खयाल ।

  • यह किताब सन् १८९८ ई० में लाहौरके सैयद मुमताज़ अली साहबने छापी

थी। जवामन थी सके १२८ । अब आया मुहम्मद इब्राहिम साहबने छपवायी है। ज़खामत ३१८ सफ़े। [ ९५ ]