पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१०२

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चौदी की डिबिया : [ अङ्क २ जोन्स [ त्योरियां चढ़ाकर मसरबरेपन से ] शौहर को बकने दो, तुम स्वाधीन स्त्रियों की तरह अपनी मरजी पर चलो। यह लो जेनी, यह उन्हें दे दो। [अपने पाजामे की जेब से एक सावरेन निकाल कर वह अपनी स्त्री की ओर फेंकता है। स्त्री हाँपकर उसे अपने एपरन में ले लेती है । जोन्स फिर जूते का फीता बांधने लगता है। ] मिसेज, जोन्स . [ सावरेन को छिपाकर मलती हुई ] मुझे खेद है कि अबकी इतनी देर हो गई । तुम्हारे चौदह शिलिग आते हैं । यह सावरेन लो । मुझे ६ शिलिंग लौटा दो। ९४