पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१०८

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चाँदी की डिबिया [अङ्क मिसेज़ जोन्स अगर हमारी तुम्हारी मुलाकात न हुई होती तो बहुत अच्छा होता । हम लोग एक दूसरे के लिये बनाए ही नहीं गए । लेकिन तुम हाथ धोकर मेरे पीछे पड़ गए, और अब तक पड़े हुए हो। और तुम मेरे साथ कितनी बुरी तरह पेश आते हो । जेम्स-उस छोकरी रायस के फेरे में पड़े रहते हो ? तुम्हें शायद इन लड़- कों का कभी खयाल भी नहीं भाता जिन्हें हमने पैदा किया है। तुम नहीं समझते कि उनके पालने में मुझे कितनी कठिनाई पड़ती है, और तुम्हारे चले जाने पर उन पर क्या पड़ेगी। जोन्स [ खिन्न मन से कमरे में टहलता हुआ ] अगर तुम समझ रही हो कि मैं लड़कों को छोड़ दूंगा तो तुम भूल कर रही हो ।