पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१३२

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चांदी की डिबिया [भक २ बार्थिविक [ कुछ उठकर ] आइये, बन्दगी। स्नो बन्दगी साहब ! बन्दगी मेम सा बत- लाने आया हूं कि उस मामले में मैंने क्या किया । मुझे डर है, कि मुझे कुछ देर हो गई है मैं एक दूसरे मुकदमे में चला गया था। [चांदी की डिबिया जेब से निकालता है। बार्थिविक परिवार में सनसनी फैल जाती है] मैं समझता हूं यह ठीक वही चीज़ है। बार्थिविक ठीक वही, ठीक वही । स्नो निशान और अंक वैसे ही हैं, जैसे आपने बतलाए थे । मुझे तो इस मामले में जरा भी हिचिक नहीं हुई। १२४