पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१३३

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दृश्य २] चाँदी की डिबिया बार्थिविक शाबाश । श्राप भी एक गिलास पीजिये- [पोर्ट की बोतल को देखकर ] शेरी की। [शेरी उंडेलता है,] जैक, यह मिस्टर स्नो को दे दो । [जैक उठकर गिलास स्नो को दे देता है, तब अपनी कुर्सी पर पड़कर उसे आलस्य से देखता है। ] स्नो [ शराब पीकर और गिलास को नीचे रखकर श्रापसे मिलने के बाद मैं उस औरत के डेरे पर गया । नीचों की बस्ती है । और मैंने सोचा कि ड्योढ़ी के नीचे ही कानिस्टेबुल खड़ा कर दू । शायद जरूरत पड़े और मेरा विचार बिलकुल ठीक निकला । १२५