पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१४०

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चांदी की डिबिया [ स्ना से मैं नौकरी से पता लगा रही थी। यह आदमी घर के आस पास चक्कर लगाया करता है। अगर लंबी सजा मिल जाय. तो खटका निकल जाय । ऐसे बदमाशों से हमारी रक्षा तो होनी ही चाहिये । वार्थिविक हां, हां, ज़रूर । यह तो सिद्धान्त की बात है। लेकिन इस मामले में हमें कई बातों पर विचार करना [स्नो से इस आदमी पर तो मुकदमा चलाना ही चाहिये, क्यों, आप भी तो यही कहते हैं ? . स्नो अवश्य, इसमें क्या सोचना है। १३२