पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१४०

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चाँदी की डिबिया
[ अड़्क २
 

[ स्नो से ]

मैं नौकरों से पता लगा रही थी। यह आदमी घर के आस पास चक्कर लगाया करता है। अगर लंबी सज़ा मिल जाय तो खटका निकल जाय। ऐसे बदमाशों से हमारी रक्षा तो होनी ही चाहिये।

बार्थिविक

हां, हां, ज़रूर। यह तो सिद्धान्त की बात है। लेकिन इस मामले में हमें कई बातों पर विचार करना है।

[ स्नो से ]

इस आदमी पर तो मुक़दमा चलाना ही चाहिये, क्यों, आप भी तो यही कहते हैं?

स्नो

अवश्य, इसमें क्या सोचना है।

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