पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१४६

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वांदी की डिबिया [अङ्क २ जैक कोई बात नहीं है, अम्मा । मैंने केवल भोजन किया था । सभी खाते हैं । मेरा मतलब है, यानी मेरा मतलब है-आप मेरा मतलब समझ गई होगी। इसे नशे में चूर होना नहीं कहते। आक्सफोर्ड में तो सभी मुँह का मज़ा बदल लिया करते हैं। मिसेज़ बार्थिविक यह बड़ी बेहूदा बात है। अगर तुम लोग श्राक्स- फोर्ड में यही सब किया करते हो- [ क्रोध से] तो फिर आप लोगों ने मुझे वहाँ भेजा क्यों ? जैसे और सब रहते हैं वैसेही तो मुझे भी रहना पड़ेगा । इतनी सी बात को नशे में चूर कहना हिमाकत । हाँ, मुझे खेद अवश्य १३८