पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१७४

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चांदी की डिबिया बार्थिविक मैं खिड़की बन्द किए देता हूँ, फिर तुम्हें कुछ न सुनाई देगा। [ वह खिड़की बन्द कर देता है और सन्नाटा हो जाता है। ] मिसेज बार्थिविक [ तीव्र स्वर में ] इससे कोई फायदा नहीं । मेरा दिल धड़क रहा है। मुझे किसी बात से इतनी घबड़ाहट नहीं होती, जितनी किसी बालक के रोने से। [मार्लो पाता है] यह कैसा रोने का शोर है मार्ला किसी बच्चे की अावाज मालूम होती है। बार्थिविक बचा है । उस मुंडेर से चिपटा हुआ दिखाई तो पड़ता है।