पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१७५

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


चांदी की डिबिया मालो [खिड़की खोलकर और बाहर देखकर ] यह मिसेज़ जोन्स का छोटा लड़का है, हज़र अपनी माँ को खोजता हुअा यहाँ आया है। मिसेज़ बार्थिविक [ जल्दी से खिड़की के पास जाकर ] कैसा गरीब लड़का है ! जॉन, हमें यह मुकदमा न चलाना चाहिए। बाथिविक . पर [ एक कुर्सी पर धम से बैठकर ] लेकिन अब तो बात हमारे हाथ से निकल गई ! [मिसेज़ बार्थिविक खिड़की की तरफ पीठ कर लेती है, उसके चेहरे बेचैनी का भाव दिखाई देता है, वह अपने प्रोठ दयाए खड़ी होती है। रोना फिर शुरू हो जाता है। बार्थिविक हाथों से अपने कान बन्द कर लेता है। और मालों पिबद्धकी मन्द कर देता है। रोना बन्द हो जाता है। पर्दा गिरता है। । 1६७