पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/१७७

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चांदी की डिबिया मैजिस्ट्रेट [पिता-भाव दिखाता हुअा कठोर स्वर में ] अब हमें इन लड़कियों का झगड़ा तय कर देना चाहिए। अहलमद थेरसा लिवेस! माडलिवेस! [गंजा कांस्टेबिल छोटी लड़कियों को दिखाता है जो चुप-चाप, स्थिति को समझती हुई विरक्त भाव से खड़ी हैं।] दारोगा ! [दारोगा गवाहों के कठघरे में आता है।] तुम अदालत के सामने जो बयान दोगे, वह बिलकुल मच, पूरा पूरा सच और सच के सिवा और कुछ न होगा। ईश्वर तुम्हारी मदद करे ! इस किताब को चूमो। [दारोगा किताब चूमता है] १६९