पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२०६

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


चांदी की डिबिया [अङ्क ३ मैजिस्ट्रेट यह तो कहते हैं कि मैंने उन्हें बिखरे नहीं देखा ! जोन्स न देखा हो, लेकिन विखरे थे। स्नो हजूर, मैने कमरे की सब चीज़ों के देखने का मौका ही नहीं पाया । इस मर्द ने मेरा काम ही हलका कर दिया। मैजिस्ट्रेट [मिसेज़ जोन्स से अच्छा तुम्हें और क्या कहना है ? मिसेज़ जोन्स तो हज़र, जब डिबिया देखी, तो मेरे होश उड़ गए। और मेरी समझ में न आया कि उन्होंने क्यों ऐसा १९८