पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२२७

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ शोधित नही है


दृश्य ] चाँदी की डिबिय मैजिस्ट्रेट [ज़ोर दे कर ] मेरी बात सुनो ! मुझे इससे कोई मतलब नहीं कि इन्होंने क्या लिया और क्या नहीं लिया? तुमने पुलिस के काम में मदाखिलत क्यों की? जोन्स उनका काम यह नहीं था कि मेरी बीबी को गिरफ्ता करते ! वह एक शरीफ़ औरत है और उसने कुछ, नहीं किया है। मैजिस्ट्रेट नहीं, पुलिस का यही काम था तुमने अफसर को घूसा क्यों मारा? जोन्स ऐसी हालत में दूसरा आदमी भी मारता? अगर मेरा बस चलता तो फिर मारता। २१९