पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२२९

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हश्य] चांदी की डिबिया जोन्स [ घूम कर जैक की तरफ़ देखते हुए ] मेरा काम इतना बुरा नहीं है, कि जितना इनका । पूछत हूँ इनका क्या होगा? [गंजा काँस्टेबिल फिर कहता है-चुप] रोपर मिस्टर बार्थिविक, यह अर्ज कर रहे हैं कि कैदी गरीबी का ख़याल करके वह डिविए के मामले श्रागे नहीं बढ़ाना चाहते। शायद हज़र । दंगे . काररवाई करेंगे। जोन्स मैं इसको दवने न दूंगा। मैं चाहता हूं, कि सब कुछ इंसाफ के साथ किया जाय-मैं अपना हक चाहता हूँ। मैजिस्ट्रेट [ डेस्क को पीट कर] तुमको जो कुछ कहना था, कह चुके । अब चुप रहो। २२१