पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२३०

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चांदी की डिबिया [अङ्क ३ [ सन्नाटा हो जाता है। मैजिस्ट्रेट झुक कर क्लार्क से बात करता है। हां, मेरा ख्याल है कि इस औरत को बरी कर टू। वह दया भाव से मिसेज़ जोन्स से कहता है जो अभी तक कठघरे पर हाथ धरे अनिश्चल खड़ी है ] परे लिए यह दुर्भाग्य की बात है कि इस श्रादमी ने ऐसा काम किया। इसका फल उसको नहीं क्या भोगना पड़ा बलिक तुमको भोगना पड़ा। तुम्हें यहाँ न दो बार श्राना पड़ा, तुम्हारी नौकरी छूट गई। [ जोन्स की तरफ़ ताकता और यही हमेशा होता है । तुम अब जाओ। मुझे दुःख है कि तुमको यहां व्यर्थ बुलाना पड़ा। मिसेज़ जोन्स [धीमी आवाज़ से ! हज़र! अनेक धन्यवाद। [वह कठघरे से चली जाती है और पीछे फिर कर जोन्स की तरफ़ देखती हुई अपने हाथों को मलती है । और खड़ी हो जाती .) २२२