पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/२३१

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दृश्य] चांदी की डिबिया मैजिस्ट्रेट हाँ हाँ, मेरे बस की बात नहीं। अब जानो, तुम समझदार हो। [मिसेज़ जोन्स पीछे खड़ी होती है, मैजिस्ट्रेट अपने हाथ पर झुका लेता है तब सिर उठा कर जोन्स से कहता है। मेरी बात सुनो। क्या तुम चाहते हो कि यह यहीं तय कर दिया जाय या जूरी [पंचायत] के पास भेज दिया जाय। जोन्स [बड़ बड़ाता हुआ] मैं जूरी नहीं चाहता। मैजिस्ट्रेट अच्छी बात है। मैं यहीं तय कर दूंगा। [ज़रा रुक कर] तुमने डिबिया चुराना स्वीकार कर लिया है- २२३