पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/३८

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चाँदी की डिबिया
[ अङ्क१
 

नौकरों के रंग ढंग में अब वह बात ही नहीं पाती।

बार्थिविक

[ कुछ संदेह के साथ ]

अगर तबदीली से कोई अच्छी बात पैदा हो जाय, तो मैं उसका स्वागत करने को तैयार हूँ।

[ एक खत खोलता है ]

अच्छा, मास्टर जैक का काई नया मामला है, "हाई स्ट्रीट आक्सफ़ोर्ड। महाशय, हमारे पास मि०। जान बार्थिविक की ४० पौंड की हुन्डी अच्छा यह ख़त उसके नाम है! "हम अब इस चेक को भेजते हैं, जो आपने हमारे यहां भुनाया था, पर जैसा मैं अपने पहले पत्र में लिख चुका हूँ, जब वह आपके बैंक में भेजा गया तो उन लोगों ने उसे नहीं सकारा। भवदीय मास एंड सन्स, टेलर्स।" खूब!

[ चेक को ध्यान से देखकर ]

३०