पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/५४

विकिस्रोत से
Jump to navigation Jump to search
यह पृष्ठ जाँच लिया गया।
चाँदी की डिबिया
[ अड़्क १
 

हुआ? क्या उसने अपना नाम और पता बतला दिया था?

अपरिचित

[ नज़र फेरकर ]

मैंने उनके ओवर कोट से निकाल लिया।

बार्थिविक

[ ताने की मुसकुराहट के साथ ]

अच्छा! आपने उसके ओवरकोट से निकाल लिया। वह इस वक्त इस प्रकाश में आपको पहचान जायगा?

अपरिचित

पहचान जायगा? क्या इसमें भी कोई शक है।

[ मारलो आता है। ]

४६