पृष्ठ:चाँदी की डिबिया.djvu/९१

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दृश्य ३ ]
चाँदी की डिबिया
 

मिसेज़ जोन्स

[ कभी इसका मुंह देखती है, कभी उसका ]

मुझे यह सुनकर बहुत दुख हुआ, हुजूर।

बार्थिविक

तुमने तो शायद उसे नहीं देखा। क्यों?

मिसेज़ जोन्स

[ समझ जाती है कि मेरे ऊपर संदेह किया जा रहा है; घबड़ा कर ]

कहाँ थी हुजूर? बतला दीजिए।

बार्थिविक

[ बात बनाकर ]

मारलो कहां कहता था? इस कमरे में? हाँ इसी कमरे में!

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