पृष्ठ:जायसी ग्रंथावली.djvu/१६

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( २ ) घोर यंत्रणापूर्ण नरक में न डाल दिए जायेंगे तब तक अल्लाह का कोप शांत न होगा। अंत में मुहम्मद साहब और उनके अनुयायी किस प्रकार स्वर्ग की अप्सराओ से विवाह करके नाना प्रकार के सुख भोगेंगे यही दिखाकर पुस्तक समाप्त की गई है । चैत पूर्णिमा संवत १९९२ रामचंद्र शुक्ल