पृष्ठ:देवकीनंदन समग्र.pdf/६७३

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i7 कलगदान निकाला और मेरी मा को देकर कहा इसे अपने पान हिकारत से रखिया और सबि तक मैं इस दुीिला में कायम रटू३मे कनी मत खालिगा दे इस कलमदान के ऊपर तीन तत्त्वीरें बनी हुई है। विचारी तरफोकीन इन्दिरा का नाम लिखा हुआ है। सान तरा पति इसमलम्दानके अन्दर का हाल पूछ ताकद दीपिया कि मेरे पिता यह .. कलमदार इन्दिरा को दिया है और इस पर उसका नाम भी निशदिया है तथा करीन तक इंदिरा की शादी का जाप यह फलामटान यापन काय अस्तुनिष तर हो यह मालभदान पुलन । पाये। यह तकलीफ तुझज्याद दिन ना भोजन न प if मरी जिन्दगी अप का ठिकाना नहा मेहमय जुधार दुलारा दुआर करता आजम या कारनियर र नीजि इस नयिा। इसकी लाली में मदद का नाजिमान - का तीस-गह इन्द-नित MEN या Arfar नाराज"५ किया सम्सार रामन मार किया। चन्द्र- अह 11 Hair usy 1 गन म 1 .. 4 द 1 17717) त Na, nis77 'J!! 1. ciw selle SIMO ti4G 43211 112 11 i. isis", Aut-to-7 1721 77 yil बघा तुम्हारा दिया है। . नि पिरमरा बुध. 14. 1. उti, in *17241alnya - मातम ! भीमा us YEARCH इस RTs.4071दिर ए.मा.ल पार्य, इन्दिराका सादी -गया. भाइले इस बार पिताजीला के लिए समानी के पास गये और देना किमारहागाई है। मेरविाली कादवार4ह और पालन लामर स्का"कुसीनता सकी जिमनालि आज क्या हो गया है 4इतनवदास बार और नीलडपीको सम्म यहा त विदा करन पर पो मजदर होइ क्योंकि उस धधारी को भी इसका समय कुछ मालूम न था। यह सब पाते ऊपर लामह आई निधाय हम पाच आदमियों के और किसी को गलूम न थी उस घर का और कोई चन्द्रकान्ता सन्तति भाग १४ ६६५ 1