पृष्ठ:निर्मला.djvu/२४६

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वीसवाँ परिच्छेद
 

डॉक्टर सिन्हा ने मुन्शी जी के दोनों हाथ पकड़ लिए;और इतना कह पाए थे "भाई साहब,अव धैर्य से काम......" कि मुन्शी जी गोली खाए हुए मनुष्य की भाँति जमीन पर गिर पड़े!!