पृष्ठ:परीक्षा गुरु.djvu/२४४

विकिस्रोत से
नेविगेशन पर जाएँ खोज पर जाएँ
यह पृष्ठ जाँच लिया गया है।
परीक्षागुरु.
२३४
 


"मुझको इस सै लाला मदनमोहन के लेन देनका विशेष संबंध मालूम होता है इसी सै मैंने यह सवाल किया है” लाला ब्रजकिशोरनें जवाब दिया और परिणाम मैं हाकिम के हुक्म सै यह सवालपूछा गया.

“जो रक़में बही खाते मैं हिसाब पक्का करके लिखी जानेंके लायक होती हैं और तत्काल उन्का हिसाब पक्का नहीं हो सक्ता वह रक़में हिसाबकी सफाई होनें तक इस खाते मैं रहती हैं और सफाई होनें पर जहांकी तहां चली जाती हैं” निहालचंदनें जवाब दिया.

“अच्छा! तुम्हारे हां जिन मितियों मैं बहुत करके लाला मदनमोहन के नाम बड़ी, बड़ी रक़में लिखी गई हैं उनहीं मितियों मैं उद्रत खाते कुछ रक़म जमा की गई है और फिर कुछ दिन पीछे उदरत खाते नाम लिखकर वह रक़में लोगोंको हाथों हाथ दे दी गई हैं या उन्के खाते मैं जमा कर दी गई हैं इस्का क्या सबब है?” लाला ब्रजकिशोरनें पूछा।

“मैं पहले कह चुका हूं कि जिन लोगों की रक़में अलल हिसाब आती जाती हैं या जिन्का लेन देन थोड़े दिनके वास्तै हुआ करता है उनकी रक़म कुछ दिनके लिये इस तरह पर उद्रत खाते मैं रहती है परंतु मैं किसी ख़ास रक़मका हाल बही देखे बिना नहीं बता सक्ता" निहालचंदनें जवाब दिया।

"और यह भी ज़रूर है कि जिस दिन लाला मदनमोहन का काम पड़े उस दिनकी यह काररवाई अयोग्य समझी जाय?” निहालचंदके वकीलनें कहा.

“तो ये क्या ज़रूर है कि जिस मितीमैं लाला मदनमोहनके