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परीक्षा गुरु
५२
 


हूँ कि जिन मनुष्यों की जो वृत्तियां प्रबल होती हैं वह उनको खींच-खांचकर उसी तरफ ले जाती हैं सो देख लीजिये कि हिन्दुस्तान में इतने दिन से देशोन्नति की चर्चा हो रही है परन्तु अबतक कुछ उन्नति नहीं हुई और फ्रांस वालों को जर्मनी वालों से हारे अभी पूरे दस वर्ष नहीं हुए जिसमें फ्रान्स वालों ने सच्ची सावधानी के कारण ऐसी उन्नति कर ली कि वे आज सब सुधरी हुई बिलायतों में आगे दिखाई देते हैं.”

“अच्छा! आपके निकट सावधानी की पहचान क्या है? लाला मदनमोहन ने पूछा.

"सुनिये” लाला ब्रजकिशोर कहने लगे जिस तरह पांच- सात गोलियां बराबर-बराबर चुन दी जाये और उनमें से सिरे की एक गोली को हाथ से धक्का दे दिया जाय तो हाथ का बल, पृथ्वी की आकर्षणशक्ति, हवा आदि सब कार्य कारणों के ठीक-ठीक जानने से आपस में टकरा कर अन्त की गोली कितनी दूर लुढ़केगी इसका अन्दाज हो सकता है इसी तरह मनुष्यों की प्रकृति और पदार्थों की जुदी-जुदी शक्ति का परस्पर संबन्ध विचार कर दूर और पास की हरेक बात का ठीक परिणाम समझ लेना पूरी सावधानी है परन्तु इन बातों को जानने के लिये अभी बहुत से साधनों की कसर है और किसी समय यह सब साधन पाकर एक मनुष्य बहुत दूर-दूर की बातों का ठीक परिणाम निकाल सकें यह बात असंभव मालूम होती है तथापि अपनी सामर्थ्य के अनुसार जो मनुष्य इस राह पर चले वह अपने समाज में साधारण रीति से सावधान समझा जाता है. एक मोमबत्ती एक तरफ से जलती हो और दूसरी दोनों तरफ जलती हो तो उसके